चंद मिनटों में कैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को उठा ले गई अमेरिकी सेना? अमेरिकी कस्टडी में हाथों में हथकड़ी, राष्ट्रपति के चेहरे पर थी मुस्कान

चंद मिनटों में कैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को उठा ले गई अमेरिकी सेना? अमेरिकी कस्टडी में हाथों में हथकड़ी, राष्ट्रपति के चेहरे पर थी मुस्कान
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विश्वजगत में एक बार फिर अमेरिका ने तबाही मचाई है.... अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी कराकास में कई ठिकानों पर हमला किया. इस दौरान मादुरो के सुरक्षित ठिकाने पर धावा बोला गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो सेफ रूम तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजा बंद नहीं कर पाए. अमेरिकी सैनिकों ने स्टील दरवाजे तोड़कर उन्हें और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया. ऑपरेशन के दौरान कराकास में कई धमाके हुए और शहर के कई हिस्सों में बिजली काट दी गई....

मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को चौंकाया

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व' के तहत मादुरो को हिरासत में लिया. हैरानी की बात यह रही कि जब अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें पकड़ा, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी और उन्होंने कैमरे के सामने Thumbs-Up का इशारा किया. यह घटना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो रही है.

वेनेजुएला में अमेरिका की सेना घुसी और इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उठाकर यूनाइटेड स्टेट्स ले आई। अमेरिकी सेना ने न केवल राष्ट्रपति, बल्कि उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को भी गिरफ्त में ले लिया। अमेरिकी सेना का विमान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर अमेरिका पहुंच गया है। मादुरो के हाथ में हथकड़ी लगी हुई भी देखी जा सकती है। अमेरिकी सेना ने केवल 30 मिनट के अंदर इस खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम दिया।

'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' को दिया गया अंजाम

अमेरिका ने इस ऑपरेशन को 2 से 3 जनवरी की दरमियानी रात अंजाम दिया। अमेरिका ने इस मिशन में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट्स, B-1 बॉम्बर एयरक्राफ्ट और ड्रोन समेत 150 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल थे। अमेरिका ने ये मिशन ईस्टर्न टाइम के अनुसार 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू किया और 2 बजकर 1 मिनट पर अमेरिकी सेना मादुरो के कंपाउंट में खड़ी थी। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के नाम से जाना जाने वाला यह मिशन 2 जनवरी की सबसे अंधेरी रातों के दौरान अंजाम दिया गया था और यह महीनों की योजना, पूर्वाभ्यास और अंतर-एजेंसी समन्वय का परिणाम था।

30 मिनट में मिशन पूरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो से दिए बयान में कहा कि इस हमले के वक्त वेनेजुएला की राजधानी कराकस की लाइटें बंद थीं। यह एक डार्क और घातक मिशन था। अमेरिकी सेना के पास ब्लोटॉर्च भी थे, जिससे सबसे सुरक्षित दरवाजे के कमरों को भी काटा जा सकता है। ट्रंप ने आगे बताया कि अमेरिकी सेना इतनी तेजी के साथ आगे बढ़ी कि मादुरो को इस कमरे तक पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। अमेरिकी सेना ने सिर्फ 30 मिनट के अंदर काराकास में सात बड़े विस्फोट करके निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया।